कोरोना से ठीक होने के बाद यूं करें फेफड़ों और दिल को मज़बूत, चरक संहिता में है वर्णन, बहुत कम लोगों को है इसकी जानकारी

कोविड के दौरान लोगों के फेफड़ों पर बहुत असर हुआ है। रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद भी शरीर में कमज़ोरी बनी रहती है। इसके पीछे भी असल में एक वजह है , दरअसल, कोरोना को खत्म करने के लिए शरीर में जो एंटीबॉडीज़ बनती हैं वो कोरोना वायरस के खत्म होने के बाद भी उसकी संरचना से मिलती-जुलती शरीर की अन्य प्राकृतिक कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा रही है, जिसकी वजह से ये समस्या हो रही है। शरीर में कमज़ोरी, हार्ट अटैक, ब्लैक फंगस और ऐसी कईं अन्य बीमारियां सामने रही हैं। कोविड से बचने के लिए भी फेफड़ों की सेहत का ख्याल रखना बहुत ज़रूरी है। इसलिए विशेषज्ञो द्वारा पोषण से भरपूर आहार लेने और कईं तरह की ब्रीदिंग एक्सरसाइज़ करने की सलाह भी दी जा रही है।

'चरक संहिता' जो कि आयुर्वेद के सिद्धांत का पूर्ण ग्रंथ है जिसमें आयुर्वद चिकित्सा शास्त्र के अलग अलग पहलुओं की जानकारी दी हुई है। इसमें फेफड़ों और दिल को मज़बूत करने, शारीरिक कमज़ोरी को दूर करने के लिए कईं औषधियों का ज़िक्र है, जिनके बारे में आज हम आपको इस लेख में बताने जा रहे हैं। ये औषधियां दिलफेफड़ों और सर्कुलेट्री सिस्टम को हेल्दी रखने में मदद करती है और कमज़ोरी भी दूर करती हैं-

दिल संबधी समस्या को दूर करने के लिए- कोरोना के ठीक होने के बाद भी संक्रमित हुए लोगों में दिल की परेशानियां देखने को मिल रही हैं। इनमें ऐसे लोग भी शामिल हैं जिन्हे पहले से दिल से जुड़ी कोई समस्या नहीं थी। हैल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, ऐसा मायोकार्डिटिस (दिल की मांसपेशियों में सूजन) की वजह से हो रहा है। चरक संहिता में आम्र, आम्रांतक, लकुच (बड़हल), अम्लवेतस, अनार इन औषधियों को हृदय के लिए विशेष रूप से लाभ पहुंचाने वाली बताया है। हृदया वरण रस, नागार्जुनाभ्र भस्म इन सब का भी दिल की परेशानियों को दूर करने में योगदान है।

शरीर की कमज़ोरी- कोरोना से संक्रमित व्यक्ति की रिपोर्ट निगेटिव होने के बाद भी उसके शरीर में कमज़ोरी और थकान काफी दिनों तक बनी रहती है इसलिए ज़रूरी है कि ऐसा आहार लिया जाए जो शरीर में ताकत लाए और कमज़ोरी को दूर करें। आहार के साथ ही चव्यनप्राश, ब्रहम रसायन, रत्न्प्राश, अमृतप्राश जैसी आयुर्वेदीय औषधियों का सेवन भी करना चाहिए। शरीर की कमज़ोरी को दूर करने के लिए हल्के-फुल्के व्यायाम, कुछ वक्त तक धूप लेना, प्राणायाम करना, ड्राई फ्रूट्स खाना, सही मात्रा में पानी पीना, फल खाना और पर्याप्त नींद लेना भी बहुत ज़रूरी है।

 

 

त्वचा रोग को ठीक करने में- एक हालिया शोध में पता चला है कि कोरोना वायरस का बुरा असर इंसान की स्किन पर भी पड़ता है। कोरोना के बाद लोगों में स्किन से जुड़ी कईं तरह की बीमारियां भी सामने रही है। ऐसे में भी चरक संहिता में वर्णित , पद्माक उशीर, मंजिष्ठ, सारिवा आदि औषधियों का सेवन फायदेमंद माना जा रहा है।

 

 

 

फेफड़ों को मजबूत करना कोरोना से ठीक होने के बाद भी फेफड़ों की मज़बूती पर ध्यान देना बहुत ज़रूरी है। कुछ ब्रीदिंग एक्सरसाइज भी इसमें फायदा पहुंचाती है और ना केवल फेफड़ों की मांसपेशियों में सुधार करती हैं, बल्कि पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन की आपूर्ति करके फेफड़ों की क्षमता बढ़ाती हैं। चरक संहिता में फेफड़ों को मज़बूत करने के लिए द्राक्षा (सूखा अंगूर), अभया (हरण), आमलकी (आंवला), पिपली, पुष्कर मूल, अगरू आदि से निर्मित औषधि का सेवन करने की सलाह दी जाती है।

इसके साथ ही तनाव से दूर रहना, अच्छी लाइफस्टाइल जीना और हैल्दी खाना ये सब भी बहुत ज़रूरी है।